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Vaishnav Dharmsala Haridwar

वैष्णव धर्मशाला हरिद्वार


अखिल भारतीय वैष्णव (च.स.) धर्मशाला ट्रस्ट, हरिद्वार


अखिल भारतीय वैष्णव (च.स.) विकास ट्रस्ट, मुम्बई (रजि.) एवं विकास परिषद मुम्बई के श्री रामचन्द्र वैष्णव एवं श्री जयन्ती भाई बी. वैष्णव के अथक प्रयासों से वैष्णव समाज की हरिद्वार में धर्मषाला का सपना साकार हो गया है । दिनांक 12.03.2012 को हरिपुर कला गांव हरिद्वार ऋषिकेष रोड़, हरिद्वार पर 42.5 फुट बाई 138 फुट पर बने भवन को खरीदने का अनुबन्ध किया गया था जिसके बेचान का पंजीयन दिनांक 28.02.2013 को करवाया जाकर दिनांक 01.03.2013 को उक्त तीन मंजिले भवन का भौतिक कब्जा उपस्थित श्री जयन्ति भाई बी. वैष्णव, श्री रामचन्द्र वैष्णव, श्री इन्द्रजीत वैष्णव, श्री भगवान दास वैष्णव उदयपुर, श्री गजेन्द्र कुमार शर्मा मथुरा, श्री एन.डी.निम्बावत, जोधपुर, श्री ब्रह्मपाल वैष्णव हरिद्वार एवं श्री मुन्ना भाई ने प्राप्त कर उसी समय प्रवेषद्वार पर स्थित एक कमरे को तैयार कर उसमें टेबल, कुर्सियां एवं अलमारी खरीद कर कार्यालय का उद्घाटन भी बड़े हर्षोउल्लास के साथ किया एवं भवन को उद्घाटन हेतु अतिषीघ्र तैयार करवाने के लिए सैनेट्री वाले, लाईट फिटिंग वाले, लोहे के कार्य वाले, प्लेमर वाले को तथा रंगरोगन करने वालों को बुलाकर तुरन्त कार्य प्रारम्भ करने हेतु हिदायतें दे दी गई और हरिद्वार निवासी श्री ब्रह्मपाल वैष्णव को इन सारे कार्यो की देखरेख हेतु जिम्मेवारी सौप दी गई ।

वैष्णव समाज के इस धर्मषाला भवन को सर्व सुविधा युक्त बनाये जाने के प्रयास के क्रम में वहां एक टयूबवेल तथा एक लिफ्ट लगवाये जाने के प्रयास भी तेज कर दिये गये है जो उद्घाटन तक पूरे होने की पूर्ण संभावना है और इस भवन का उद्घाटन मई 2013 अथवा जून 2013 में किये जाने का निर्णय लिया गया है ।

अस्थाई तौर पर तल मंजिल के सभी कमरे एवं हाॅल को पहले तैयार करवाया जा रहा है ताकि वैष्णव समाज का कोई बन्धु उद्घाटन के पूर्व हरिद्वार आता है तो वह इस धर्मषाला भवन का लाभ प्राप्त कर सकता है । सुविधा के लिए वैष्णव धर्मषाला के इन्डीकेटर बोर्ड हरिद्वार ऋषिकेष रोड़ पर शान्तिकुंज काॅलेज की गली के मोड पर तथा धर्मषाला व अन्य स्थानों पर लगवा दिये गये है ताकि वैष्णव समाज बन्धु को धर्मषाला तक पहंुचने में असुविधा न हो ।

यह धर्मषाला सप्त ऋषि आश्रम घाट रोड़ (बिरला फार्म हाऊस रोड़ नम्बर 5) शान्ति कुंज के पीछे, हरीपुरकला गांव, ऋषिकेष रोड़, हरिद्वार पर स्थित है जो हरिद्वार रेल्वे स्टेषन से लगभग 6 किलोमीटर दुर है यह धर्मषाला तीन मंजिला है जो 42.5 फुट चैड़ी तथा 138 फुट लम्बी है जिसके 42.5 फुट बाई 82 फुट पर निर्माण हो रखा है शेष 42.5 फुट बाई 56 फुट जो पीछे की तरफ है खाली है तथा इस धर्मषाला के दो तरफ रास्ते है ।

इस धर्मषाला के तल मंजिल पर एक बड़ा हाॅल, दो बड़े कमरे मय ओपन कीचन, तीन छोटे कमरे, एक अण्डर ग्राऊण्ड पानी का टैंक, प्रथम मंजिल पर जाने की सिढि़या, पीछे की तरफ तीन लेट्रीन एवं तीन बाथरूम अलग-अलग बने हुए है । प्रथम मंजिल पर दो बड़े कमरे जिसमें काॅमन लेट्रीन बाथरूम मय बन्द कीचन है एवं इसी प्रथम मंजिल पर दो बड़े कमरे जिसमें ओपन कीचन है तथा इन कमरों में पीछे अलग से कम्बाईण्ड लेट्रीन बाथरूम तथा अलग से एक लेट्रीन भी बनी हुई है इसी के साथ भवन के प्रवेष द्वार (पोल) के ऊपर के बड़ा कमरा जिसमें कम्बाईण्ड लेट्रीनबाथ, बन्द कीचन एवं बेडरूम एवं एक मध्यम दरजे का कमरा मय लेट्रीन एवं बाथरूम बने हुए है। द्वितीय मंजिल पर प्रथम मंजिल की तरह ही उसके ऊपर इसी प्रकार कमरे निर्मित है। भवन के छत पर दो अलग-अलग कमरे बने हुए है तथा लेट्रीनबाथरूम एवं उसके ऊपर पानी की टंकी रखी हुई है इस भवन की छत पर खडे़ होने पर चारों तरफ का हरियाला विहंगम दृष्य बड़ा ही लुभावना एवं मन मोहक लगता है जहां से भारत माता का मन्दिर स्पष्ट दिखाई देता है ।

रामानन्दाचार्य श्री रामनरेषाचार्य जी महाराज का संकल्पित निर्माणधीन विष्व का अद्वितीय श्रीराम मन्दिर जो पांच मंजिला जोधपुर पत्थर का मेन ऋषिकेष हाईवे पर निर्मित हो रहा है उस मन्दिर के पास वाली गली में ही आगे चलने पर यह धर्मषाला स्थित है।