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Late Shri Shyam Sunder Agrawat Roopangarh
Sad Demise On - 17/08/2013
 

            श्री श्याम सुन्दर अग्रावत पुत्र श्री लक्ष्मीनारायण अग्रावत निवासी रूपनगढ़ हाल मदनगंज किषनगढ़, आपका स्वर्गवास दिनांक 17.08.2013 को हो गया । आपका जन्म रूपनगढ़ में श्री लक्ष्मीनारायण जी अग्रावत के एक साधारण परिवार में हुआ था पिता लक्ष्मीनारायण की तीसरी सन्तान थे आपकी षिक्षा रूपनगढ़ में ही सम्पन्न हुई अध्ययन के समय से ही आप मेहनती रहे । षिक्षा समाप्ति उपरान्त अकाल सहायता विभाग, जयपुर में एल.डी.सी. के पद पर नियुक्त हुए । वहां से अजमेर सार्वजनिक निर्माण में (पी.डब्ल्यु.डी) में स्थानान्तर होकर आये अजमेर में दो बार अपनी सेवाये देने के बाद किषनगढ़ स्थानान्तरण हुआ । यहां रहते हुए अपनी राजकीय सेवा के साथ-साथ में समाज से भी जुडे । समाज के विभिन्न कार्यों में अपना योगदान देते रहे । साथ ही एक अच्छे खिलाड़ी होने के कारण यहां सुभाष क्लब किषनगढ़ के सदस्य रहे तथा अन्तिम समय तक आप संरक्षक रहे । 


             किशनगढ़ पी.डब्ल्यु.डी से राजकीय सेवा में पदौन्नति पश्चात् आपको दूदू स्थानान्तररित कर दिया गया जहां दो वर्ष अपनी सेवाएं देने के बाद सन् 2000 में लगभग 55 वर्ष की आये में स्वेच्छिक सेवा निवृति ली । 


            सेवा निवृति उपरान्त समाज सेवामें लगे किषनगढ़ में श्री वैष्णव सेवा समिति अध्यक्ष रहते हुए समाज में रचनात्मक कार्य करते रहे आपके विषेष प्रयासों से ही आजाद नगर में वैष्णव समाज के भवन हेतु जमीन लेकर निर्माण कार्य किया गया । जिसका उद्घाटन रेवासा पीठ (सीकर)  के पीठाधीष्वर अग्रदेवाचार्य जी महाराज के कर कमलों द्वारा सम्पन्न हुआ । स्मारिका को तैयार करने हेतु श्री श्यामसुन्दर जी के तहसील के 210 गांवों में भ्रमण कर सभी समाज बन्धुओं से सम्पर्क कर उनका पारिवारिक विवरण प्राप्त कर समाज बन्धुओं के सहयोग से यह स्मारिका तैयार करवायी गयी । 


            अखिल भारतीय वैष्णव (चतुः सम्प्रदाय) विकास परिषद, मुम्बई द्वारा हरिद्वार में निर्मित धर्मषाला हेतु एक मुष्त राशि देकर ट्रस्टी बने । आप सामाजिक कार्यो में हमेशा यथाषक्ति तन, मन व धन से सहायता करते रहे थे रूप नगर में निर्मित समाज के भवन में समय व अर्थ देकर भवन निर्माण में अपना पूर्ण सहयोग दिया । साथ ही इसी वर्ष रूपनगर में आयोजित सामुहिक विवाह सम्मेन में समिति सदस्य रहते हुए शारीरिक, मानसिंक व आर्थिक सहयोग प्रदान कर सम्मेलन को पूर्ण सफल बनाया । 


           आपकी अन्तिम इच्छानुसार आकस्मिक निधन के पश्चात् परिवान जन ने उनके नैत्रदान कर और भी अधिक पुण्य का कार्य किया । 


    वैष्णव वेबसाईट परिवार श्री श्याम सुन्दर अग्रावत को हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता है ।